77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण का मानेसर से शुभारंभ, 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
चंडीगढ़, 7 अगस्त (कुलदीप सैनी) : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हर परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री गुरुग्राम के मानेसर में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने की, जबकि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, पौधारोपण किया और उपस्थित लोगों को ‘एक पेड़-मां के नाम’ लगाने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने वन विभाग की पुस्तिका ‘एक पेड़-मां के नाम’ और ‘हरियाणा फॉरेस्ट न्यूज’ का विमोचन भी किया। साथ ही ‘हरित हरियाणा’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अरावली पर्वतमाला केवल पहाड़ नहीं, बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर है। वन महोत्सव केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपना ऋण चुकाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-संस्कार बनाने का अभियान है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव का पहला चरण 30 जुलाई को करनाल में आयोजित किया गया था और अब दूसरा चरण मानेसर से शुरू किया गया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वन महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में अब तक 75 नमो पार्क विकसित किए जा चुके हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें पैदल पथ, साइकिल ट्रैक और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। करनाल में ऑक्सी-वन तैयार हो चुका है, जबकि पंचकूला में निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा मुरथल और सढ़ौरा में नगर वन विकसित किए गए हैं तथा गांवों में ‘पंचवटी’ अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य केवल पौधारोपण के आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को जीवित रखकर वृक्ष बनाना है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विशेष रूप से गुरुग्राम और एनसीआर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाकर उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने अरावली क्षेत्र को पुनः हरित बनाने के प्रयासों की सराहना की।
वहीं वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वर्षा ऋतु पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में तेजपाल तंवर, मुकेश शर्मा, रवि सैनी, केसी मीणा, सत्यप्रकाश जरावता, डॉ. इंद्रजीत यादव, उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह, अजीत यादव, सर्वप्रिय त्यागी, प्रवीण यादव, रीमा चौहान, सुभाष यादव, राजकुमार और सुरेंद्र दांगी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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