हरियाणा में दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को मिलेगी गति - पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा

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पशुधन के आनुवंशिक सुधार के लिए अगले 2 वर्ष के लिए तरल नाइट्रोजन  का दर अनुबंध  मंजूर

 

उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय; कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों में आएगी तेजी

 

चंडीगढ़, 20 जुलाई,(कुलदीप सैनी) :  हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखकर निरंतर काम कर रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और पशुधन की नस्ल सुधार के काम को तेज गति देना है, ताकि पशुपालक अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादन करके अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत कर सकें।

 

हरियाणा सिविल सचिवालय में आज पशुपालन एवं डेयरी विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति  की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह बात कही। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे। 

 

बैठक में पशुधन के आनुवंशिक सुधार के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए, उच्च क्वालिटी के फ्रोजन सीमन के सुरक्षित भंडारण हेतु तरल नाइट्रोजन  की निर्बाध आपूर्ति के लिए अगले 2 वर्ष के लिए दर अनुबंध  को मंजूरी दी गई है।

 

बोवाइन फ्रोजन सीमन का संरक्षण होगा सुनिश्चित

 

पशुपालन मंत्री ने बताया कि बोवाइन फ्रोजन सीमन के उत्पादन, भंडारण और सुरक्षित परिवहन के लिए तरल नाइट्रोजन की नियमित और बिना किसी बाधा के उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा इस दर अनुबंध  की व्यवस्था को लागू किया गया है।

 

बैठक में जानकारी दी गई कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तरल नाइट्रोजन की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सीमन उत्पादन और उसके संरक्षण का कार्य बिना किसी व्यवधान के लगातार संचालित हो सकेगा। यह अनुबंध विभिन्न सीमन उत्पादन केन्द्रों तथा उनसे संबंधित इकाइयों की जरूरतों के अनुसार पूरी तरह प्रभावी रहेगा।

 

कृत्रिम गर्भाधान को मिलेगी रफ्तार, पशुपालकों को होगा सीधा लाभ

 

मंत्री राणा ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बोवाइन फ्रोजन सीमन के उत्पादन को निरंतर बनाए रखना और पशुधन प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाना है। तरल नाइट्रोजन की निर्बाध उपलब्धता से राज्य में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को होगा, क्योंकि उन्हें बेहतर आनुवंशिक गुणवत्ता  वाले पशुधन प्राप्त होंगे।

 

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालन को एक मुनाफे का व्यवसाय बनाने और इसे बढ़ावा देने के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर राज्य के लाखों पशुपालक आत्मनिर्भर और समृद्ध हो रहे हैं।

          इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक डा. वीरेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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