चंडीगढ़, 12 अगस्त(कुलदीप सैनी) : हरियाणा में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए और इसके लिए विभाग की मशीनरी व अन्य संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश के दौरान जल निकासी, पेयजल व्यवस्था, वाटर टैंकों, विभागीय इंफ्रास्ट्रक्चर और जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में विभाग के प्रमुख अभियंता देवेंद्र दहिया, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेशभर के एसई, एसडीओ और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बारिश में जलभराव रोकने के लिए मशीनरी तैयार रखने के निर्देश
मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सुपर सकर मशीन, जेटिंग मशीन और उपलब्ध अन्य मशीनरी का बेहतर इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि पाइप, मोटर और अन्य जरूरी उपकरण पर्याप्त मात्रा में पहले से उपलब्ध होने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश और सावन के मौसम को देखते हुए अधिकारी किसी भी स्थिति में मुख्यालय न छोड़ें और अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी एवं पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी करें।
पुराने वाटर टैंकों का होगा अपग्रेडेशन
बैठक के दौरान मंत्री ने प्रदेशभर में खराब हो चुके तथा पुराने ईंटों से निर्मित वाटर टैंकों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी वाटर टैंकों का सर्किल वाइज डाटा तत्काल मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पुराने वाटर टैंकों के अपग्रेडेशन के लिए एस्टीमेट भी जल्द तैयार किए जाएं, ताकि विभागीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर इनके सुधार एवं नवीनीकरण का काम शुरू किया जा सके। इससे लोगों को बेहतर और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
PHE इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी लाइफ-साइकिल प्लानिंग
रणबीर गंगवा ने कहा कि जिस तरह लोक निर्माण विभाग में सड़कों की मरम्मत, कारपेटिंग और नवीनीकरण के लिए पहले से योजना तैयार की जाती है, उसी तर्ज पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर की भी लाइफ-साइकिल प्लानिंग की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यवस्था के खराब होने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर की निर्धारित लाइफ स्पैन को ध्यान में रखते हुए समय रहते मरम्मत, रखरखाव, बदलाव और नवीनीकरण की कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए। इससे आमजन को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
जल संरक्षण और पानी के पुनः उपयोग पर जोर
बैठक में रिचार्ज बोरवेल, पानी के पुनः उपयोग और आरसीसी वाटर टैंकों के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए और जहां संभव हो, पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने वाटर वर्क्स की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ पेयजल व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि लोगों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बारिश के दौरान फील्ड में रहें अधिकारी
मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान मौसम को देखते हुए वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी और आवश्यक मशीनरी तुरंत मौके पर पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने जिला स्तर पर होने वाली बैठकों में अधिकारियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों में शामिल होकर विभागीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने को कहा।
जल निकासी और पेयजल व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में जल निकासी से लेकर पेयजल आपूर्ति तक सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने फील्ड स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश देते हुए बेहतर सुपरविजन और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर और निर्बाध सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।
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