यमुनानगर, 19 अगस्त (कुलदीप सैनी)। उपायुक्त प्रीति की अध्यक्षता में जिला सचिवालय के सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जनसुविधाओं में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया गया। बैठक में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्यातिथि तथा विधायक घनश्यामदास अरोड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि डीएमएफ फंड से होने वाले कार्यों में स्थानीय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, कृषि, पशुपालन और कौशल विकास से जुड़े कार्य योजनाबद्ध तरीके से करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने गोबर गैस प्लांट को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक एवं रसायन मुक्त खेती को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। साथ ही खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
पौधारोपण और सार्वजनिक सुविधाओं पर जोर
विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने व्यायामशालाओं, श्मशान घाटों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने की बात कही। उन्होंने वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, स्वच्छता, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ढाक सहित ऐसे पौधे लगाने की बात कही, जिनसे भविष्य में इमारती लकड़ी भी प्राप्त हो सके।
खनन गतिविधियों की पोर्टल 2.0 से निगरानी
उपायुक्त प्रीति ने बताया कि खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए पोर्टल 2.0 तैयार किया गया है और इसके माध्यम से खनन वाहनों की एंट्री की जा रही है। उन्होंने सभी नाकों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर के दायरे में डीएमएफ फंड की राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा सकती है। धनौरा-व्यासपुर सहित खनन प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य शिविर और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा बच्चों में पोषण की कमी की जांच कर आवश्यक उपचार एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में पानी, भूमि और वायु प्रदूषण की रोकथाम, खनन प्रभावित क्षेत्रों में नशे की रोकथाम तथा खनन वाहनों के आवागमन वाले क्षेत्रों में रोड सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
कोट्स
“डीएमएफ फंड से किए जाने वाले सभी कार्यों में स्थानीय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए।” — मंत्री श्याम सिंह राणा
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