रादौर, 20 अगस्त (कुलदीप सैनी)। ब्राह्मण महासंघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित गौतम ने कहा कि वर्ष 1966 में हरियाणा के गठन के बाद पंडित भगवत दयाल शर्मा के बाद प्रदेश में ब्राह्मण समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व लगातार कम हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर महासंघ लगातार आवाज उठाता रहा है और अब इन्हें लेकर संगठन की गतिविधियों को और तेज किया जाएगा।
रोहित गौतम वीरवार को रादौर में समाजसेवी एनके शर्मा के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महासंघ पिछले करीब 25 वर्षों से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करता आ रहा है। महासंघ का मानना है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए।
‘आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए’
रोहित गौतम ने कहा कि हर जाति और समाज में गरीब लोग हैं, इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी स्थिति के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा जातीय आरक्षण व्यवस्था को लेकर महासंघ लंबे समय से अपने विचार रखता रहा है।
“आरक्षण का आधार जातीय न होकर पूरी तरह आर्थिक होना चाहिए। हर समाज में गरीब लोग हैं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए।” — रोहित गौतम
उन्होंने यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि महासंघ इन सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा कर रहा है।
30 अगस्त को शाहबाद में होगी विशेष बैठक
रोहित गौतम ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर 30 अगस्त को शाहबाद में ब्राह्मण महासंघ की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था, यूजीसी से जुड़े विषयों तथा समाज से संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में महासंघ की आगामी रणनीति को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
हरियाणा को तीन जोन में बांटा
उन्होंने बताया कि संगठन को मजबूत करने और महासंघ के विस्तार के लिए पूरे हरियाणा को तीन जोन में बांटा गया है। उत्तर हरियाणा की बैठक शाहबाद में आयोजित की जाएगी। इसके बाद इसी तर्ज पर हिसार और फरीदाबाद में भी बड़े स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी।
“तीनों जोनों की बैठकों के बाद महासंघ की ओर से विशाल महारैली की तिथि का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।” — रोहित गौतम
उन्होंने कहा कि महासंघ का उद्देश्य समाज को संगठित करना और समाज से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखना है। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में संगठनात्मक गतिविधियों को और विस्तार दिया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण पर आगे बढ़ेगा अभियान
ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व से लेकर आरक्षण व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर समाज के लोगों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। आगामी बैठकों में इन मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा के बाद महासंघ अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
इस मौके पर एन के शर्मा, सुशील शर्मा पानीपत, सोमदत्त शर्मा मंसूरपुर, रामगोपाल शर्मा जठलाना, संजीव शर्मा, संजू शर्मा, सतीश वशिष्ठ और मुकेश शर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे।
फिलहाल 30 अगस्त को शाहबाद में होने वाली बैठक पर सभी की नजरें रहेंगी। इस बैठक के बाद हिसार और फरीदाबाद में प्रस्तावित बैठकों तथा विशाल महारैली को लेकर महासंघ की आगामी दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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