चंडीगढ़, 27 अगस्त (कुलदीप सैनी)। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला द्वारा प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष को उसके शासनकाल के दौरान हुई आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की याद दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा जरूर होनी चाहिए, लेकिन यह चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक सुविधा और भ्रामक प्रचार के आधार पर। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी घटना के बाद पीड़ित के आंसू पोंछने से पहले राजनीतिक अवसर तलाशना विपक्ष की आदत बन गई है। अपराध से ज्यादा उन्हें सरकार को बदनाम करने की जल्दी रहती है।
विपक्ष को अपने शासनकाल के आंकड़े भी देखने चाहिए
नायब सैनी ने कहा कि जो लोग आज हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने शासनकाल के अपराध के आंकड़ों और उस समय की घटनाओं को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि जब सत्ता की बागडोर विपक्ष के हाथों में थी, तब हरियाणा ने अपराध, भ्रष्टाचार, जातीय हिंसा, भर्ती घोटालों और प्रशासनिक विफलताओं के कितने गंभीर दौर देखे।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचने पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात और भावना व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता विपक्ष के काले कपड़े नहीं, बल्कि उनके काले कारनामे देख रही है।
1984 के दंगों को लेकर कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री ने 1984 के दंगों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस दौर की घटनाओं को याद करने पर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों लोगों को निशाना बनाया गया और कांग्रेस ने आज तक इन दंगों के लिए माफी नहीं मांगी।
नायब सैनी ने कहा कि ऐसे दौर से जुड़े लोगों को रोल मॉडल बताना उन पीड़ित परिवारों के पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं का इतिहास नई पीढ़ी को भी जानना चाहिए।
इनेलो शासनकाल की घटनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 से 2005 के बीच इनेलो शासनकाल की कई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने अगस्त 2001 में हिसार के लितानी गांव में पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया सहित उनके परिवार के आठ सदस्यों की हत्या, मई 2002 के कंडेला प्रकरण, झज्जर के दुलीना में पांच दलित युवकों की हत्या तथा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रणजीत सिंह की हत्या जैसी घटनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने जेबीटी शिक्षक भर्ती मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 3,206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में चयन सूचियों से छेड़छाड़ की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव करते हुए युवाओं को ‘बिना पर्ची-बिना खर्ची’ मेरिट के आधार पर रोजगार देने का काम किया है।
कांग्रेस शासनकाल की घटनाओं पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2005 के बाद कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुई कई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने जुलाई 2005 में गुरुग्राम में होंडा कंपनी के आंदोलनरत कर्मचारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई, अगस्त 2005 के गोहाना कांड, फरवरी 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट, कैथल के मनोज-बबली हत्याकांड और गुरुग्राम के किडनी रैकेट का उल्लेख किया।
उन्होंने अप्रैल 2010 के मिर्चपुर कांड का जिक्र करते हुए कहा कि दलित बस्ती में घरों को आग लगा दी गई और 70 वर्षीय ताराचंद तथा उनकी दिव्यांग बेटी सुमन की जान चली गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के बाद बड़ी संख्या में दलित परिवारों को गांव छोड़ना पड़ा और मामले की सुनवाई हरियाणा से बाहर दिल्ली में स्थानांतरित करनी पड़ी।
इसी तरह उन्होंने वर्ष 2012 के रोहतक ‘अपना घर’ मामले और मानेसर स्थित मारुति सुजुकी संयंत्र की हिंसक घटना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक छवि पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने वर्ष 2014 में हिसार के भगाणा गांव की दलित नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामले का भी जिक्र किया।
डायल-112 से जुड़ी 10 आपातकालीन सेवाएं
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस सेवा 100, अग्निशमन सेवा 101, चिकित्सा आपातकालीन सेवा 108, महिला हेल्पलाइन 1091, यातायात हेल्पलाइन 1073, साइबर हेल्पलाइन 1930, दुर्गा शक्ति ऐप, एनएचएआई हेल्पलाइन 1033, आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 व 1077 तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की हेल्पलाइन 181 व 1098 सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को इससे जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 630 टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहनों को इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में तैनात किया गया है। व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 250 अतिरिक्त इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है।
ऑपरेशन ट्रैकडाउन में 4,771 अपराधी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि वांछित, उद्घोषित, जमानत या पैरोल से फरार तथा अन्य सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन ट्रैकडाउन चलाया जा रहा है। 1 से 15 अगस्त 2026 तक चले विशेष अभियान के दौरान 4,771 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान 216 हथियार बरामद किए गए, जिनमें 135 देसी कट्टे, 76 पिस्तौल, 3 रिवॉल्वर और 2 बंदूकें शामिल हैं। इसके अलावा 287 कारतूस और 15 मैगजीन भी बरामद की गईं। 241 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई और 1,406 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट अपडेट की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिसंबर 2025 में चलाए गए ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन के दौरान भी 1,213 मामले दर्ज कर 2,200 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 33 महिला पुलिस थाने
नायब सैनी ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार लगातार कदम उठा रही है। राज्य में 33 महिला पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए दुर्गा शक्ति ऐप शुरू किया गया है।
संवेदनशील स्थानों पर दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स की 24 कंपनियां और 46 पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सुनारिया, रोहतक में महिला पुलिस दुर्गा बटालियन स्थापित की गई है और नई भर्तियों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून से बड़ा कोई नहीं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार अपराध की रोकथाम को और प्रभावी बनाने के साथ जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को भी तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नीयत दोनों स्पष्ट हैं और अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है।
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