रादौर, 26 अगस्त (कुलदीप सैनी)। 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के कथित बयान के मामले में सिख समाज का आक्रोश बुधवार को रादौर में देखने को मिला। दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा वीडियो जारी कर खेद जताए जाने के बावजूद सिख समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शन की अगुवाई मार्केट कमेटी रादौर के चेयरमैन रुपिंदर सिंह मल्ली ने की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों की यादें आज भी सिख समाज के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में दंगों से जुड़े दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को कथित तौर पर रोल मॉडल और हीरो बताए जाने से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
दीपेंद्र हुड्डा से सार्वजनिक माफी की मांग
प्रदर्शन के दौरान चेयरमैन रुपिंदर सिंह मल्ली और सुरेंद्र सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस सांसद का कथित बयान सिख समाज के जख्मों को कुरेदने जैसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
“केवल खेद जताने से समाज की नाराजगी दूर नहीं होगी। दीपेंद्र सिंह हुड्डा को सार्वजनिक रूप से सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए।” — चेयरमैन रुपिंदर सिंह मल्ली
उन्होंने मांग की कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा अपने कथित बयान को वापस लें और सिख समाज की भावनाओं का सम्मान करें।
विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो विरोध प्रदर्शन को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग मौजूद रहे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।
“1984 के दंगों की यादें आज भी सिख समाज के लिए बेहद संवेदनशील हैं।” — सुरेंद्र सिंह चीमा
ये लोग रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान जगजीत सिंह मोडली, विक्रम हड़तान, परमजीत सिंह पम्मी, भूपिंदर सिंह घिल्लौर, चरणजीत सिंह सतगोली, बलविंदर सिंह सतगोली, दलबीर सिंह बसंतपुरा, अमरजीत सिंह काबुलपुर, लखविंदर सिंह काबुलपुर, जितेंदर रोड छप्पर, गुरविंदर सिंह रपौली, हरदीप सरपंच कुंजल कंबोयान, हजारा सिंह हड़तान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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