एक महीने से बेटे के अंतिम दर्शन का इंतजार, यूक्रेन में मारे गए गुरप्रीत का शव अब तक नहीं पहुंचा घर

Navdesh Times
0

यूक्रेन में मारे गए पंजेटो निवासी गुरप्रीत सिंह का फाइल फोटो

यमुनानगर , 21 अगस्त (नवदेश टाइम्स न्यूज़ सर्विस)। यूक्रेन में 19 जुलाई को हुए रूसी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी गुरप्रीत सिंह का शव करीब एक माह बाद भी घर नहीं पहुंच पाया है। बेटे की मौत के गम के साथ परिवार अब उसके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा है। परिजनों ने सरकार से गुरप्रीत का शव जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है।

डेढ़ महीने पहले ही गया था मर्चेंट नेवी में

परिजनों के अनुसार गुरप्रीत सिंह करीब डेढ़ महीने पहले मर्चेंट नेवी में नाविक के पद पर काम करने के लिए गया था। 19 जुलाई को यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमले के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद से परिवार गहरे सदमे में है, लेकिन करीब एक माह बीतने के बावजूद शव घर नहीं पहुंचने से परिजनों की परेशानी और बढ़ गई है।

पिता बोले- बस बेटे का अंतिम संस्कार अपने हाथों से करना है

गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि परिवार को किसी और चीज की जरूरत नहीं है। उनकी इच्छा सिर्फ इतनी है कि उनके बेटे का शव जल्द घर पहुंचे और वह अपने हाथों से उसका अंतिम संस्कार कर सकें। उन्होंने सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर शव भारत लाने की प्रक्रिया में मदद करने की मांग की है।

छह महीने की मासूम बेटी और पत्नी को छोड़ गया गुरप्रीत

परिजनों के मुताबिक गुरप्रीत की करीब डेढ़ वर्ष पहले शादी हुई थी। उसके परिवार में पत्नी और महज छह महीने की मासूम बेटी है। गुरप्रीत की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया है।

पहले से कमजोर है परिवार की आर्थिक स्थिति

परिजनों ने बताया कि गुरप्रीत के पिता सड़क हादसे में दिव्यांग हो चुके हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं है और गुरप्रीत ही परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ आर्थिक परेशानियां भी खड़ी हो गई हैं।

अंतिम संस्कार के लिए घर लौटने का इंतजार

करीब एक महीने से परिवार गुरप्रीत के शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहा है। परिजनों का कहना है कि बेटे को खोने का दुख पहले ही असहनीय है, लेकिन उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाना उनके दर्द को और बढ़ा रहा है। परिवार ने सरकार से अपील की है कि गुरप्रीत का शव जल्द से जल्द भारत लाकर पंजेटो गांव पहुंचाया जाए, ताकि परिवार अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कर सके।

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)
To Top