E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान का दावा गलत, सरस्वती शुगर मिल ने अफवाहों को किया खारिज !

Navdesh Times
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यमुनानगर, 9 अगस्त (नवदेश टाइम्स)। पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत (E20) किए जाने के बाद वाहनों के इंजन पर असर पड़ने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यमुनानगर स्थित सरस्वती शुगर मिल की डिस्टलरी यूनिट के प्रबंधन ने इन दावों को बेबुनियाद बताया है। मिल प्रबंधन का कहना है कि एथेनॉल के इस्तेमाल से वाहनों में किसी तरह की परेशानी नहीं आ रही है और इसकी demand भी लगातार बढ़ रही है।

मिल के नवनियुक्त Chief Executive कुलदीप कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एथेनॉल से वाहनों के इंजन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि पेट्रोल में एथेनॉल की blending 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की गई है। इससे पर्यावरण को लाभ होने के साथ-साथ देश के foreign exchange की भी बचत होती है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल में जितना अधिक एथेनॉल इस्तेमाल होगा, उतना ही पेट्रोल के आयात पर होने वाला विदेशी मुद्रा खर्च कम होगा। उन्होंने लोगों से एथेनॉल को लेकर फैली rumours और misconceptions पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

इस साल एथेनॉल उत्पादन में आई कमी

कुलदीप कुमार ने बताया कि सरस्वती शुगर मिल में इस वर्ष करीब 12,500 किलोलीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 35,000 किलोलीटर था। उन्होंने बताया कि इस सीजन में अत्यधिक बारिश समेत अन्य कारणों से गन्ने की उपलब्धता प्रभावित हुई, जिसका असर एथेनॉल production पर भी पड़ा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी सीजन में गन्ने की पैदावार बेहतर रहने से एथेनॉल उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।

एथेनॉल को लेकर उपभोक्ताओं में बना हुआ है असमंजस

गौरतलब है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाए जाने के बाद इसके वाहनों पर प्रभाव को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। इससे कई vehicle owners के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं सरस्वती शुगर मिल प्रबंधन ने एथेनॉल से वाहनों को नुकसान पहुंचने संबंधी चर्चाओं को खारिज करते हुए इसे देश के लिए economic और environmental benefit वाला कदम बताया है।

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