चंडीगढ़, 23 अगस्त (कुलदीप सैनी)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समरसता केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने का संस्कार है। अपनी पहचान को मिटाना समरसता नहीं, बल्कि प्रत्येक पहचान का समान सम्मान करते हुए समाज और राष्ट्र की एकता को मजबूत करना ही सच्ची समरसता है। सरकार इसी भावना के साथ अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समाज की पंक्ति में सबसे पीछे खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री रविवार को रेवाड़ी जिले के बावल में मेघवाल उत्थान समिति के तत्वावधान में आयोजित समस्त अनुसूचित जाति समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
“समरसता कोई एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने का संस्कार है। हर पहचान का सम्मान करते हुए सामाजिक एकता को मजबूत करना हमारा लक्ष्य है।” — नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री हरियाणा
महापुरुषों ने दिखाई समानता और सामाजिक न्याय की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां भेदभाव, भय और अन्याय के लिए कोई स्थान न हो। महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव की नींव रखी, जबकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने वंचित वर्गों के अधिकारों और समान अवसर के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि इन सभी महापुरुषों की विचारधारा का मूल उद्देश्य समाज में ज्ञान, सम्मान, समानता और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना था।
“महापुरुषों की राह भले अलग रही हो, लेकिन उनकी मंजिल एक थी—ज्ञान, सम्मान, समानता और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर।” — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार दे रही सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के सपनों में बाधा न बने। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 से 12 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति तथा पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता और अनिवार्य फीस की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 9,090 विद्यार्थियों को करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त साइकिलें दी गई हैं। वहीं पहली से आठवीं कक्षा तक के 4.02 लाख विद्यार्थियों को 44.18 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
मिशन बुनियाद से बच्चों को मिल रहा लाभ
सीएम सैनी ने कहा कि मिशन बुनियाद के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गई। इनमें 272 बच्चों का चयन आईआईटी जैसे संस्थानों में और 61 बच्चों का चयन नीट के लिए हुआ है।
“जब प्रतिभाओं को उचित मंच और अवसर मिलता है तो वे अपनी क्षमता का प्रभाव जरूर दिखाती हैं। सरकार बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।” — नायब सिंह सैनी
लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख महिलाओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद वर्गों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। पिछले 11 वर्षों में इस योजना के तहत करीब 1,200 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले 18 माह में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख बहनों के खातों में 2,042 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं। योजना के विस्तार के लिए सितंबर माह में पंजीकरण पोर्टल खोला जाएगा।
गरीब परिवारों की माताओं-बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना के तहत भी अब तक 300 करोड़ रुपये की राशि खातों में भेजी जा चुकी है।
मेघवाल उत्थान समिति की 10 मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मेघवाल उत्थान समिति की ओर से रखी गई सभी 10 मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने रेवाड़ी और बावल में धर्मशाला निर्माण के लिए समिति को स्थान चिन्हित करने को कहा और नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की हर पंचायत में पुस्तकालय स्थापित करना है। अब तक करीब 1,000 पुस्तकालय खोले जा चुके हैं और जल्द ही इस योजना का विस्तार सभी गांवों तक किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मेघवाल उत्थान समिति को 31 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
“सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर वर्ग सम्मान के साथ आगे बढ़े।” — नायब सिंह सैनी
अहीरवाल क्षेत्र में विकास को मिली नई गति : राव नरबीर सिंह
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद अहीरवाल क्षेत्र में विकास की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ पूरे प्रदेश में समान विकास को गति दी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सहज और मिलनसार स्वभाव की भी सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री आमजन की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए तत्पर रहते हैं।
बाबा साहेब के विचारों से समरस समाज का निर्माण : डॉ. कृष्ण कुमार
बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने शिक्षा, संगठन और आत्मसम्मान को समाज की प्रगति का आधार बनाया। संत रविदास और संत कबीर ने भी समाज को ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर भाईचारे और समरसता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए सभी वर्गों और क्षेत्रों के विकास के लिए काम कर रही है।
411 युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित
समरसता एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मेघवाल समाज की 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इन प्रतिभाओं ने शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव, कोसली विधायक अनिल यादव, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, पूर्व मंत्री चौधरी जसवंत सिंह, सफाई आयोग चेयरमैन कृष्ण कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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