सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर कुमारी सैलजा का सरकार पर हमला, बोलीं- ‘यह कहां का इंसाफ?’

Navdesh Times
0

 

चंडीगढ़/सिरसा, 22 अगस्त(नवदेश समाचार सेवा)। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और शहरों में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों के समाधान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि “कर्मचारियों से वादा, बातचीत भी और गिरफ्तारी भी, यह कहां का इंसाफ है?”

कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश के कई शहरों में करीब 17 दिनों तक कूड़ा नहीं उठने से हालात गंभीर बने रहे। जगह-जगह कूड़े के ढेर, दुर्गंध और गंदगी के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी कि समय रहते कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करती।

‘वादे पूरे होते तो हड़ताल की नौबत नहीं आती’

सैलजा ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि जिन मांगों पर कर्मचारियों के साथ पहले सहमति बनी थी, उन्हें समय पर लागू क्यों नहीं किया गया। यदि सरकार ने कर्मचारियों से किए वादों को पूरा करते हुए लिखित आदेश जारी कर दिए होते तो शायद हड़ताल की स्थिति पैदा नहीं होती।

उन्होंने कहा कि 17 दिनों तक जनता गंदगी और दुर्गंध झेलती रही, लेकिन शासन-प्रशासन प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बना सका। अब कुछ स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरों से कचरा उठना जरूरी है, लेकिन पुलिस के सहारे सफाई व्यवस्था का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

‘टकराव नहीं, बातचीत से निकले समाधान’

कुमारी सैलजा ने सवाल किया कि जब 17 दिन बाद कचरा उठाने की व्यवस्था की जा सकती है तो यह कदम पहले क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने सरकार से पूछा कि कर्मचारियों के साथ गंभीर बातचीत पहले क्यों नहीं की गई और जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उनके आदेश जारी करने में क्या बाधा है।

उन्होंने कहा कि जब सरकार कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए बुला रही है तो दूसरी ओर उन्हें हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है। सरकार को टकराव के बजाय संवाद और समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए।

कचरे से बीमारी फैलने का खतरा गंभीर: सैलजा

सैलजा ने कहा कि लंबे समय तक कचरा जमा रहने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा पैदा होना गंभीर चिंता का विषय है। सफाई व्यवस्था किसी राजनीतिक दल या सरकार तक सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे जनता के स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के साथ सार्थक बातचीत कर पहले से सहमत मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय लिया जाए। साथ ही हिरासत में लिए गए कर्मचारी नेताओं के खिलाफ अनावश्यक दमनात्मक कार्रवाई से बचा जाए और प्रदेश के सभी शहरों में जमा कचरे को तत्काल उठवाकर सफाई व्यवस्था सामान्य की जाए।

सैलजा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता टकराव नहीं, बल्कि संवाद, समाधान और जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा होनी चाहिए।


Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)
To Top