यमुनानगर, 21 अगस्त (कुलदीप सैनी)। जिले में लंबित इंतकाल, जमाबंदी और अन्य राजस्व मामलों के निपटारे को लेकर उपायुक्त प्रीति ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों का निर्धारित समयावधि में निपटारा सुनिश्चित किया जाए। आमजन से सीधे जुड़े इन कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त प्रीति ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लंबित इंतकाल, जमाबंदी, रिकॉर्ड दुरुस्ती और अन्य राजस्व मामलों की वर्तमान स्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन राजस्व मामलों का निपटारा लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से लंबित मामलों की समीक्षा करें और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल करना सुनिश्चित करें।
आमजन को नहीं लगाने पड़ें कार्यालयों के चक्कर
डीसी प्रीति ने कहा कि भूमि से संबंधित इंतकाल, जमाबंदी, रिकॉर्ड दुरुस्ती और अन्य राजस्व सेवाएं सीधे आमजन से जुड़ी हुई हैं। इन कार्यों में देरी होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि नागरिकों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने तहसील और संबंधित स्तर के अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने पर भी विशेष जोर दिया।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में सुधार समय पर करने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में यदि किसी प्रकार की दुरुस्ती या सुधार आवश्यक है तो उसे भी निर्धारित समय में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिकॉर्ड में पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को राजस्व सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना है। इसी दिशा में जिला प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित सेवाओं में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ, एसडीएम व्यासपुर डॉ. कुलदीप सिंह, एसडीएम छछरौली जसपाल सिंह गिल, एसडीएम रादौर नरेन्द्र कुमार, नगराधीश पीयूष गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी तरुण सहोता, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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